कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने पीएम मोदी से की मुलाकात

येदियुरप्पा ने कहा, “राज्य पिछले 108 साल में सबसे भयंकर आपदा की चपेट में है। 15 दिन पहले सूखे की समस्या थी लेकिन आज बांध भरे हुए हैं और महाराष्ट्र से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के कारण काफी नुकसान हुआ है। हमने ये सभी बातें प्रधानमंत्री के संज्ञान में लाई।” कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने ‘‘हर चीज समझी’’ और जल्द ही आकलन के लिए वह एक दल भेजेंगे।

उन्होंने कहा, “हमने तत्काल राहत के तौर पर निधि जारी करने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि वह चर्चा करेंगे और हमें बताएंगे। मुझे विश्वास है कि वह राज्य की स्थिति से अवगत हैं।” हाल ही में येदियुरप्पा ने केंद्र से पुनर्वास कार्य के लिए तत्काल अंतरिम राहत के तौर पर 3,000 करोड़ रुपये जारी करने का अनुरोध किया था।

गृह मंत्री अमित शाह और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के निजी तौर पर हालात का जायजा लेने के बावजूद राहत राशि की घोषणा करने में “देरी” पर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए विपक्षी दल कांग्रेस और जद(एस) ने अंतरिम राहत के तौर पर तत्काल 5,000 करोड़ रुपये जारी करने की मांग की।

यह पूछे जाने पर कि क्या तत्काल राहत के तौर पर 3,000 करोड़ रुपये जारी करने पर प्रधानमंत्री की ओर से कोई आश्वासन दिया गया, इस पर येदियुरप्पा ने कहा, “एक आकलन के अनुसार, नुकसान 40,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का है।” उन्होंने कहा, “उन्होंने क्षतिग्रस्त मकान, सड़कें और पुल शामिल किए – हमें इन सब चीजों का समाधान ढूंढना पड़ेगा। हमने इन सब चीजों के बारे में प्रधानमंत्री को बता दिया है।”

मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, 45 मिनट की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को राज्य में बाढ़ गस्त इलाकों की गंभीर स्थिति से अवगत कराया और बताया कि बाढ़ से पहले कभी इतना नुकसान नहीं हुआ जितना इस बार तथा राहत कार्यों और पीड़ितों के पुनर्वास के लिए अधिक निधि की जरुरत है। सरकार के मुख्य सचिव टी एम विजय भास्कर, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव पी रविकुमार बैठक में मौजूद रहे।

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