अपने लापता खिलाड़ियों को टीवी विज्ञापन के जरिए खोजने की जुगत में जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन

जम्मू/नई दिल्ली (जनमत की पुकार ब्यूरो)। जम्मू एंड कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन बेहद ही मुश्किल दौर से गुजर रहा है। इस समय टीवी चैनल्स पर विज्ञापन के सहारे एसोसिएशन अपने लापता खिलाड़ियों को खोज रहा है। जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटा तब से खिलाड़ियों के साथ जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन संपर्क नहीं कर पा रहे हैं।

टीम के कप्तान परवेज रसूल का नाम भी इस लिस्ट में शामिल है। कप्तान परवेज रसूल के बारे में एसोसिएशन को नहीं पता चल पा रहा है और ना ही उनका फोन लग रहा है। एसोसिएशन ने स्‍थानीय टीवी चैलन्स पर संपर्क करने के लिए टिकर विज्ञापन दिए हैं।

जम्मू में शुक्रवार से प्री सीजन ट्रेनिंग कैंप शुरु होने वाले हैं, जिसके लिए वह फर्स्ट क्लास खिलाड़ियों को टिकर विज्ञापन के जरिए सूचना दे रहा है। इस सूची में भारतीय क्रिकेटर परवेज रसूल का नाम भी शामिल है। यह फैसला दिल्ली में हुई एक बैठक के दौरान लिया गया। इस बैठक में भारतीय टीम के पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान जो जम्मू-कश्मीर टीम के मेंटर हैं के साथ ही प्रशासक सीके प्रसाद और जम्मू कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन के सीईओ साह बुखारी भी थे।

बुखारी ने एक अखबार से बात करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर में इस समय दो ही स्‍थानीय चैनल हैं। उन्होंने कहा कि पहले अखबार में ही विज्ञापन देने का सोचा था लेकिन फिर यह समस्या हो गई कि पूरे कश्मीर में वह लोगों तक यह पहुंचा भी पाएंगे या नहीं। इसी वजह से टीवी पर ही खिलाड़ियों से सपंर्क करने के लिए विज्ञापन दिए जाएंगे।

इस पर बात करते हुए इरफान पठान ने कहा कि खिलाड़ियों को कैंप से जुड़ने के लिए एसोसिएशन पर्याप्त समय देगा। इरफान ने बताया कि कई खिलाड़ियों के बारे में पिछले तीन सप्ताह से एसोसिएशन को पता नहीं है। परवेज रसूल के बारे में उन्होंने कहा कि लगभग सप्ताह भर पहले रसूल से बात हुई थी।

उस दौरान वह जम्मू आया और फोन करके उनहें उसने बताया कि वह यहां पर ट्रेनिंग के लिए आया था लेकिन क्रिकेट की उस समय कोई गतिविधि नहीं हो रही थी जिसे देखकर वह वापस कश्मीर चला गया। एसोसिएशन उसके बाद से उससे संपर्क नहीं पर पाया है। पहले हमने सोचा कि लोगों को उनके घर भेजा जाए लेकिन यह संभव नहीं है।

इसलिए हम टीवी पर विज्ञापन के जरिए उनसे संपर्क कर रहे हैं। पठान ने आगे कहा कि टीम के सभी खिलाड़ी एक साथ जुड़ जाएं, उसके बाद उनके रहने की व्यवस्‍था एसोसिएशन करेगी और उसके बाद कैंप और ट्रायल्स जम्मू में कहां होंगे, इसका फैसला लिया जाएगा।

 

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