उत्तर प्रदेश कांग्रेस में बड़ा फेरबदल कर पार्टी ने चला सियासी दांव

जनमत की पुकार
लखनऊ। कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश की अपनी इकाई में बड़ा फेरबदल करते हुए सोमवार को अजय कुमार लल्लू को अध्यक्ष नियुक्त किया। वह राज बब्बर की जगह लेंगे। इसके साथ ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी की पुत्री एवं पार्टी की विधायक आराधना मोना मिश्रा को विधायक दल का नेता नियुक्त किया गया है।

दूसरी तरफ, 18 वरिष्ठ नेताओं की सलाहकार समिति भी गठित की गई है। इसके अतिरिक्त 8 सदस्यीय एक रणनीति समूह भी बनाया गया है जिसमें जितिन प्रसाद सहित कई वरिष्ठ नेताओं को रखा गया है। पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी बयान के मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इन नियुक्तियों को स्वीकृति प्रदान की।

लल्लू को प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाने के साथ ही चार उपाध्यक्ष, 12 महासचिव और 24 सचिव बनाए गए हैं।

वीरेंद्र चौधरी को उपाध्यक्ष (संगठन-पूर्वी उप्र) और पंकज मलिक को उपाध्यक्ष (संगठन-पश्चिमी उप्र) बनाया गया है। इसके साथ ही ललितेश पति त्रिपाठी और दीपक कुमार को भी उपाध्यक्ष बनाया है।

त्रिपाठी उपाध्यक्ष के तौर पर प्रदेश युवा कांग्रेस एनएसयूआई, ओबीसी, किसान एवं महिला इकाइयों का प्रभार देखेंगे। इसी तरह दीपक कुमार सेवा दल, एससी-एसटी और अल्पसंख्यक विभागों की जिम्मेदारी संभालेंगे। सूत्रों का कहना है कि सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखकर नयी प्रदेश कांग्रेस कमेटी बनाई गई है।

अध्यक्ष बनाए गए लल्लू का वैश्य समुदाय (ओबीसी) से संबन्ध है। आराधना मिश्रा को विधायक दल का नेता बनाकर ब्राह्मण समाज को प्रतिनिधित्व देने का प्रयास हुआ है। उपाध्यक्षों, महासचिवों और सचिवों की नियुक्ति में भी सामाजिक एवं जातीय समीकरणों का पूरा ध्यान रखा गया है।

नयी उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के गठन की कवायद से अवगत कांग्रेस एक वरिष्ठ नेता कहा, ”हर पदाधिकारी की जिम्मेदारी और जबाबदेही तय की गई है। नयी कमेटी पिछली कमेटी की अपेक्षा दस गुना छोटी है। पिछली कांग्रेस कमेटी लगभग 500 लोगों की थी, लेकिन नई कमेटी लगभग 40-45 लोगों की है।”

उन्होंने कहा, ”उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी में युवाओं को मौका और वरिष्ठ नेताओं की सलाहकार समिति को मार्गदर्शन की जिम्मेदारी दी गयी है। कांग्रेस नेता ने कहा, ”कमेटी की औसत आयु लगभग 40 साल है। यानि कि कांग्रेस हाई कमान ने उत्तर प्रदेश में भरोसा नौजवानों पर जताया है। साथ ही साथ वरिष्ठ नेताओं को भी स्थान दिया है।”

सूत्रों का कहना है कि लगभग चार माह से कांग्रेस की कई टीमें उत्तर प्रदेश पर व्यापक विचार विमर्श कर रहीं थीं। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी खुद उत्तर प्रदेश के कार्यकर्ताओं, नेताओं और बुद्धिजीवियों के साथ बैठक करके सलाह मशविरा ले रहीं थीं। पार्टी के छह राष्ट्रीय सचिव लगातार पूरे प्रदेश का भ्रमण कर रहे थे।

 

Share Button

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *