अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया फैसला, विवादित स्थल पर बनेगा राम मंदिर

जनमत की पुकार
नई दिल्ली। देश का सबसे बड़ा विवाद राम जन्मभूमि पर आज सुप्रीम कोर्ट का फैसला आएगा। सुबह 10:30 बजे सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुवाई में पांच जजों की पीठ ने इस मामले की सुनवाई की और अब यही पीठ फैसला सुनाएगी। अयोध्या पर फैसला आने से पहले देशभर में सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए हैं।
-सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि 3-4 महीने के भीतर सेंट्रल गवर्नमेंट ट्रस्ट की स्थापना के लिए योजना तैयार करे और विवादित स्थल को मंदिर के निर्माण के लिए सौंप दे और अयोध्या में 5 एकड़ जमीन का एक उपयुक्त वैकल्पिक भूखंड सुन्नी को दिया जाएगा।

– सुप्रीम कोर्ट ने कहा विश्वास और विश्वास पर दावों पर फैसला नहीं किया जा सकता। ऐतिहासिक लेखों में हिंदुओं की मान्यता का संकेत मिलता है कि अयोध्या भगवान राम की जन्मभूमि थी। इस बात के प्रमाण हैं कि अंग्रेजों के आने से पहले राम चबूतरा, सीता रसोई की पूजा हिंदुओं द्वारा की जाती थी। अभिलेखों में साक्ष्य से पता चलता है कि हिंदू विवादित भूमि के बाहरी अदालत के कब्जे में थे।

-सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हिंदू अयोध्या को भगवान राम की जन्मभूमि मानते हैं, उनकी धार्मिक भावनाएं हैं, मुसलमान इसे बाबरी मस्जिद कहते हैं। हिंदुओं का विश्वास है कि भगवान राम का जन्म निर्विवाद रूप से यहां हुआ था। हिंदुओं की आस्था और विश्वास है कि भगवान राम का जन्म गुंबद के नीचे हुआ था। विश्वास व्यक्तिगत विश्वास का विषय है।

– सुप्रीम कोर्ट ने कहा निर्मोही अखाड़ा का दावा केवल प्रबंधन का है। निर्मोही अखाड़ा ‘शाबित’ नहीं है। पुरातत्व रिपोर्ट पर तर्क दिए गए थे। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने संदेह से परे हैं और इसके निष्कर्षों की उपेक्षा नहीं की जा सकती है।

– भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने अयोध्या फैसले पर कहा कि हमने शिया वक्फ बोर्ड द्वारा दायर विशेष अवकाश याचिका (एसएलपी) को खारिज कर दिया है, जो 1946 के आदेश को चुनौती देता है।

-अयोध्या भूमि मामले में फैसला देने वाले सुप्रीम कोर्ट के सभी पांच जज सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं।

– कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि हम शंति के पक् में मेरे साथ हैं, मुख्य बाराबर शांति का पुजारी हैं। हम सभी को सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पालन करना चाहिए।

– उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अयोध्या फैसले पर कहा कि मैं उत्तराखंड के लोगों से अपील करता हूं कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा जो भी फैसला दिया जाए उसे स्वीकार करें। सोशल मीडिया या अन्य प्लेटफार्मों पर कोई अफवाह या आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए जो सामाजिक सद्भाव पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है।

– अयोध्या फैसले कि सुनवाई के लिए भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई अपने आवास से सुप्रीम कोर्ट के लिए रवाना हुए।

-अयोध्या फैसले पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि सभी को सुप्रीम कोर्ट के फैसले को मानना चाहिए, इस पर कोई विवाद नहीं होना चाहिए। हम सभी से अपील करते हैं कि नकारात्मक माहौल न बनाएं, सौहार्द बनाए रखा जाए।

– सुप्रीम कोर्ट के वकील भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अदालत के बाहर इकट्ठा हुए।

– अयोध्या के जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने कहा कि विवादित स्थल को सुरक्षित रखना हमारी प्राथमिकता है, हमने इसके लिए पर्याप्त इंतजाम किए हैं, शहर में सेना तैनात की गई है। शहर में सब कुछ सामान्य है, हम नकारात्मक तत्वों पर नजर रखेंगे।

– ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय को स्वीकार करने के लिए सभी से अपील। आइए हम शांति और सद्भाव में रहें। भाईचारे की भावना हमारे धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने की पहचान है।

– अयोध्या मामले पर यूपी पुलिस के एडीजी आशुतोष पांडेय ने कहा कि भक्त श्री राम लल्ला के मंदिर के दर्शन कर रहे हैं। मंदिर जाने पर कोई प्रतिबंध नहीं हैं। सभी बाजार खुले हैं, स्थिति पूरी तरह से सामान्य है।

– पुलिस कमिश्नर आईडी शुक्ला ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने अर्धसैनिक बल की मदद से उचित सुरक्षा उपाय किए हैं। इसमें किसी तरह की गड़बड़ी का सवाल नहीं है, चाहे वह सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट की सुरक्षा हो या वीआईपी-वीवीआईपी की सुरक्षा हो, इसका उल्लंघन नहीं किया जा सकता।

– पीएम नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अयोध्या विवाद पर उच्चतम न्यायालय के फैसला सुनाए जाने के मद्देनजर देश के लोगों से शांति बना रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि हम सबको मिलकर सौहार्द बनाए रखना है।

– अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले से पहले पूरे देश में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। कई राज्यों और इलाकों में धारा 144 लागू कर दी गई है। वहीं, यूपी के अलीगढ़ में मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद कर दिया गया है मध्य प्रदेश पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राजधानी भोपाल समेत 52 जिलों में अतिसंवेदनशील और संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान की गई है। सभी जिलो में धारा 144 लागू कर दी गई है। सोशल मीडिया पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है। अयोध्या पर फैसले के मद्देनजर यूपी के साथ देश के अन्य राज्यों में भी सतर्कता बरती जा रही है।

– मध्य प्रदेश पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राजधानी भोपाल समेत 52 जिलों में अतिसंवेदनशील और संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान की गई है।

– कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर कहा कि ‘जैसा कि आप सबको पता है अयोध्या मामले पर आज अयोध्या विवाद का सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने वाला है। उन्होंने आगे कहा कि इस घड़ी में कोर्ट का जो भी फैसला हो उसे देश की एकता, सामाजिक सद्भाव, और आपसी प्रेम की हज़ारों साल पुरानी परम्परा को बनाए रखने की ज़िम्मेदारी हम सबकी है।

– अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा फैसला सुनाने के पहले स्थिति पर निगरानी रखने के लिए राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी में मौजूद रहेंगे। आरएसएस के सूत्रों के अनुसार, मोहन भागवत सुप्रीम कोर्ट के फैसले को जनता द्वारा स्वीकार करने को लेकर देश को संबोधित भी कर सकते हैं।

बता दें कि चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने अयोध्या केस में 40 दिनों तक लगातार सुनवाई की। यह सुनवाई 6 अगस्त से शुरू हुई थी, जिसके बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

Share Button

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *