दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 परिणाम : शालीमार बाग़ से भाजपा की रेखा गुप्ता को हराकर आप प्रत्याशी बंदना कुमारी जीतीं

जनमत की पुकार
नई दिल्‍ली।
 दिल्‍ली विधानसभा की शालीमार बाग सीट से आम आदमी पार्टी की उम्‍मीदवार बंदना कुमारी ने जीत हासिल की। आप की बंदना कुमारी ने विपक्षी प्रतिद्वंद्वी भाजपा उम्‍मीदवार को 3440 वोटों के अंतर से शिकस्‍त दी। इस जीत के साथ ही आम आदमी पार्टी की प्रत्‍याशी बंदना कुमारी तीसरी बार विधायक पद की शपथ लेंगी। इससे पहले वह लगातार दो बार चुनाव जीत चुकी हैं। भाजपा की ओर से रेखा गुप्‍ता और कांग्रेस की ओर से जेएस नेयोल ने आप प्रत्‍याशी को हराने का खूब प्रयास किया, लेकिन आखिरकार बंदना कुमारी को जनता ने अपना विधायक चुन लिया।

मतगणना की शुरुआत में आए रुझानों में बंदना कुमारी भाजपा प्रत्‍याशी से काफी पीछे चल रही थीं। लेकिन, जैसे जैसे अगले राउंड की कांउटिंग होती रही, बंदना बढ़त बनाती चली गईं। वोटों की मिली बढ़त अंत तक उनकी जीत में तब्‍दील हो गई। बंदना कुमारी को कुल 57707 वोट हासिल हुए।

भारतीय जनता पार्टी की प्रत्‍याशी रेखा गुप्‍ता शालीमार बाग सीट से शुरुआती रुझानों में आगे चल रही थीं, लेकिन, काउंटिंग के बढ़ते राउंड के साथ उनके वोटों में कमी आती चली गई। रेखा गुप्‍ता को 54267 वोट मिले और वह दूसरे स्‍थान पर रहीं। वहीँ कांग्रेस के प्रत्‍याशी जेएस नेयोल को बुरी हार का सामना करना पड़ा। वह मतगणना की शुरुआत से ही पीछे चल रहे थे और अंत तक वह पीछे ही रहे। उन्‍हें कुल 2491 वोट हासिल हुए और वह तीसरे स्‍थान पर रहे।

ज्ञात हो कि दिल्‍ली के पुराने इलाकों में शुमार शालीमार बाग़ विधानसभा सीट दिल्‍ली की 70 सीटों में से एक है। मुगलकालीन विरासत समेटे इस क्षेत्र को 1993 में पहली बार विधानसभा क्षेत्र बनाया गया। पहले चुनाव में भाजपा के साहिब सिंह वर्मा यहां से विधायक बने। शुरुआत से ही बीजेपी ने इस सीट पर अपनी पकड़ बनाई और लगातार 4 बार यह सीट अपने खाते में की। भाजपा के रविंद्र नाथ बंसल यहां से लगातार 3 बार विधायक बनने वाले इकलौते नेता हैं। वर्तमान में यहां से आम आदमी पार्टी की बंदना कुमारी विधायक हैं। वह यहां से लगातार दूसरी बार विधायक चुनी गई हैं। पहले बाहरी दिल्‍ली विधानसभा क्षेत्र का हिस्‍सा रहा यह इलाका 2008 में चांदनी चौक लोकसभा क्षेत्र के हिस्‍से में पहुंच गया। दिल्‍ली की इस सीट को कांग्रेस कभी जीत नहीं सकी। शुरुआती चार चुनावों में कांग्रेस दूसरे स्‍थान तक तो पहुंची, लेकिन वह विजय पताका फहराने में कामयाब नहीं हो सकी।

Share Button

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *