छह दिनों में दूसरी बार देश के नाम पीएम का संदेश, 10 बिंदुओं में जानें क्‍या कहा

नई दिल्‍ली। पीएम मोदी ने छह दिनों के अंदर दूसरी बार देश की जनता को मंगलवार रात आठ बजे संबोधित किया। इस संबोधन में उन्‍होंने देश में अगले 21 दिनों तक लॉकडाउन करने का एलान किया है। इसके अलावा उनके इस संबोधन में इस दौरान की चुनौतियां भी थीं तो देशवासियों से कुछ भावुक अपील भी थी।आइए दस बिंदुओं में जानते हैं उनके संबोधन का सार।

  1. अगले 21 दिनों के लिए पूरे देश में लॉकडाउन किया गया है। आज एक अहम निर्णय की घड़ी है। ये फैसला आज रात 12 बजे से पूरे देश में लागू होगा। घरों से बाहर निकलने पर पूरी तरह से पाबंदी लगाई जा रही है। ये कर्फ्यू ही है। ये जनता कर्फ्यू से ज्‍यादा सख्‍त होगा। अब कोरोना वायरस से लड़ाई के लिए ये कदम जरूरी है। आने वाले 21 दिनों के अंदर हम नहीं संभल सके तो भारत 21 वर्ष पीछे चला जाएगा और इसमें कई परिवार इस वायरस की भेंट चढ़ जाएंगे। यदि लापरवाही जारी रही तो भारत को इसकी बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है। इस कीमत का अंदाजा लगाना भी मुश्किल है। इस लॉकडाउन की आर्थिक कीमत भी देश को उठानी होगी। लेकिन हर किसी के जीवन को बचाना सबसे पहली प्राथमिकता है। ये बात एक परिवार के तौर पर आपसे कही जा रही है। इसलिए बाहर न निकलें। भूल जाएं कि बाहर निकलना भी है।
  2. आज के फैसले ने आपके दरवाजे पर एक लक्ष्‍मण रेखा खींच दी है आपका एक कदम कोरोना जैसी गंभीर महामारी को आपके घर में ले आएगा। कई बार इससे संक्रमित व्‍यक्ति पूरा स्‍वस्‍थ्‍य लगता है। इसका पता ही नहीं चलता है। इसलिए एहतियात बरतनी होगी।
  3. इस महामारी से मुकाबले के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। सभी सरकारों को निर्देश दिए गए हैं कि उनकी पहली प्राथमिकता सिर्फ हैल्‍थ सेक्‍टर पर ध्‍यान देने की है। इसके लिए सरकार कोरोना से जुड़ी टेस्टिंग फेसिलिटीज, पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्वीपमेंट्स, आइसोलेशन बेड, आसीयू बेड, वेंटीलेटर और अन्य जरूरी साधनों की संख्या तेजी से बढ़ाने पर जोर दे रही है। कोरोना के मरीजों के इलाज के लिए, देश के हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार ने आज 15 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।
  4. बीते दो माह से सरकार इस पर अध्‍ययन कर रही है जिसका निष्‍कर्ष यही है कि इससे प्रभावी मुकाबले के लिए सोशल डिस्‍टेंसिंग ही एकमात्र विकल्‍प है। अपने घरों में बदं रहने के अलावा कोई दूसरा विकल्‍प हमारे पास नहीं है। यदि इससे बचना है तो इसकी जो साइकिल है उसको तोड़ना होगा। जो लोग इस गलतफहमी में है कि ये केवल मरीज पर ही लागू है वो ये बात दिमाग से निकाल दें। ये हर परिवार के लिए है। कुछ लोगों की लापरवाही सभी के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। ये हर खास और आम के लिए जरूरी है।
  5. इस वायरस की चपेट में आने वाले व्‍यक्ति के अंदर इसके लक्षण दिखने में कई दिन लग जाते हैं। विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के मुताबिक इस महामारी से ग्रसित एक व्‍यक्ति 10 दिनों में सैकड़ों लोगों को इस वायरस की चपेट में ला सकता है।
  6. इस वैश्विक महामारी ने तेजी से दुनिया में अपने पांव पसारे हैं। आंकड़े बताते हैं कि इसके पहले एक लाख मरीजों तक पहुंचने में जहां 67 दिन लगे। वहीं अगले 11 दनों में इसी चपेट में आने वाले मरीजों की संख्‍या दो लाख हो गई। इसके बाद महज चार दिनों में इसकी संख्‍या बढ़कर तीन लाख हो गई। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि ये कितनी तेजी से फैलता है। ऐसे में इसको फैलने से रोकना काफी मुश्किल है।दुनिया के कई देशों में हालात बेकाबू हो गए। इटली से अमेरिका में हैल्‍थ सर्विस और तकनीक सबसे बेहतरीन हैं। इसके बाद भी ये आज बेबस हैं। ये भी कोरोना का प्रभाव कम नहीं कर पाए हैं।
  7. अब उम्‍मीद की किरण उन देशों पर है जो इसको कुछ नियंत्रित कर सके हैं। इन देशों में हफ्तों तक लोग घरों से बाहर नहीं निकले। सरकारी नियमों का पालन किया यही वजह है कि कुछ देश इससे बाहर आने की तरफ बढ़ रहे हैं। सरकार ने भी आपके घर की लक्ष्‍मण रेखा तय की है जिसको अब नहीं लांघना है। चाहे कुछ भी हो जाए। ये हर किसी पर लागू है। हमें मिलकर तेजी से पांव पसार रही इस महामारी के फैलने की चेन को तोड़ना है।हमारे आज के एक्‍शन तय करेंगे कि इस आपदा के प्रभाव को हम कितना कम कर सकते हैं। ये समय हमारे संकल्‍पों को बार-बार मजबूत करने, संयंम बरतने का है। हमें याद रखना होगा कि जान है तो जहान है। ये धैर्य और अनुशासन की घड़ी है। हमें इस लॉकडाउन के दौरान अपना वचन निभाना होगा।
  8. घरों में रहते हुए आप उनके बारे में सोचे और कामना करें जो खुद को खतरे में डालकर आपके लिए काम कर रहे हैं। अस्‍पताल प्रशासन, एंबुलेंस ड्राइवर, नर्स दूसरे स्‍टाफ के लिए प्रार्थना करें। सेनिटाइज करने वालों के लिए प्रार्थना करें। मीडियाकर्मी इसका खतरा उठाकर आपको सही जानकारी दे रहे है। पुलिसकर्मी आपको बचाने के लिए सड़कों पर दिनरात ड्यूटी कर रहे हैं। ये कई बार लोगों के गुस्‍से का भी शिकार हो रहे हैं। इस महामारी के बीच केंद्र और राज्‍य सरकारें तेजी से काम कर रही हैं।
  9. आने वाले दिनों में आपको कोई परेशानी न हो इसके प्रयास किए जा रहे हैं। सभी जरूरी चीजों की सप्‍लाई सुचारू रहे इसके उपाय किए जा रहे हैं। गरीबों के लिए ये मुश्किल समय है। सभी सरकारें दूसरे संगठनों के साथ मिलकर इनके लिए काम क र रही हैं। इनकी मदद को कई लोग आगे आए हैं। जीवन के लिए जो जरूरी है सभी प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे मसय में कई तरह की अफवाहें काफी तेजी से फैलती हैं। लिहाजा इन अफवाहों पर ध्‍यान न दें। जनता कर्फ्यू के लिए हर भारतवासी को धन्‍यवाद। लोगों ने दिखाया कि जब मानवता पर संकट आता है तो कैसे हम एकजुट होकर उसका मुकाबला करते हैं।
  10. इस महामारी ने सभी विकसित देशों को भी बेबस कर दिया है। ऐसा नहीं है कि ये देश प्रयास नहीं कर रहे या उनके पास संसाधनों की कमी है। लेकिन इस वायरस के फैलने की गति के आगे ये देश बेबस साबित हो रहे हैं। इसकी वजह से तमाम देशों में इसके रोकथाम की चुनौती बढ़ती जा रही है।
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