जोरदार वापसी में कांग्रेस, लॉकडाउन में बन रही रणनीति, अब गुटबाजी खत्म कर सीधे जनता से जुड़ेगी

आर के जायसवाल
नई दिल्ली (जनमत की पुकार)। 
दिल्ली कांग्रेस प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने प्रदेश के नेताओं को दो टूक शब्दों में साफ कर दिया है कि अगर वे सक्रिय नहीं होंगे तो दूसरी पंक्ति के नेताओं को आगे लाया जाएगा। जो काम करना नहीं चाहते, उनसे जबरदस्ती भी नहीं की जाएगी। बस, उनकी जगह दूसरे लोगों को आगे कर दिया जाएगा। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि ऐसा कोई निर्णय लेने से पहले वह स्वयं इन नेताओं से बात कर सारे हालात को समझेंगे।

गोहिल के यह तेवर दो दिन पूर्व प्रदेश पार्टी कार्यालय में हुई उस मैराथन बैठक में देखने को मिले, जिसमें अध्यक्ष अनिल चौधरी और पांचों उपाध्यक्ष भी मौजूद रहे। इसके बाद उन्होंने कुछ अन्य नेताओं से भी बातचीत की। हालांकि इस दौरान किसी ने भी खुले तौर पर आपसी मतभेद जाहिर नहीं किए, लेकिन गोहिल तक इसके संकेत पहुंच चुके थे।
इसी के मद्देनजर गोहिल ने इन सभी छह नेताओं की टीम को समय—समय पर मिल बैठकर मुद्दों पर चर्चा करने की नसीहत दी है। उन्होंने कहा कि कोई भी निर्णय आपसी सहमति से ही लिया जाए। अगर सहमति न बने तो मामला उनके संज्ञान में लाया जाए।
जिला अध्यक्षों की राय और सहमति को भी तवज्जो दी जानी चाहिए। कोरोना के साथ ही जीवन जीने की सच्चाई को स्वीकार करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि जरूरतमंदों की मदद करने के साथ—साथ पार्टी की अन्य राजनीतिक गतिविधियां भी जल्द शुरू की जाएंगी। प्रदेश कार्यकारिणी सहित अन्य प्रकोष्ठों को लेकर भी विचार विमर्श चल रहा है।
गोहिल ने यह भी कहा कि कोरोना काल में जहां दिल्ली वासियों में भाजपा और आम आदमी पार्टी की लोकप्रियता कम हुई है वहीं कांग्रेस की रसोई और सैनिटाइजेशन अभियान से पार्टी के प्रति विश्वास बढ़ा है।
दिल्ली कांग्रेस प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने बताया कि जो नेता काम करने में उत्सुक नहीं है, उनकी जगह दूसरों को जिम्मेदारी दी जाएगी। मैं स्वयं भी वरिष्ठ नेताओं से बात करूंगा। प्रदेश अध्यक्ष और उपाध्यक्षों को भी आपस मे सामंजस्य बनाकर चलने को कहा गया है।

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