हरियाणा में फिर गठबंधन की राजन‍ीति चढ़ने लगी परवान, चरम पर नए सियासी रिश्‍तों का खेल

चंडीगढ़। हरियाणा में एक बार फिर गठबंधन की राजनीति परवान चढ़ने के आसार हैं। कभी इनेलो तो कभी हविपा व हजकां के कंधे पर सवार रही भाजपा अब किसी दल के साथ कदमताल करने को तैयार नहीं है, जबकि भाजपा को शिकस्त देने की मंशा से नए-नए गठबंधन के हालात बन रहे हैं। नए सियासी रिश्‍ते बनाने के लिए नए-नए खेल हाे रहे हैं। राज्य में बसपा और लोसुपा के बाद अब जेजेपी और आप के बीच राजनीतिक गठजोड़ की संभावना है। इसमें बसपा को शामिल करने के प्रयास हो रहे हैं। कांग्रेस और आप के बीच गठबंधन के प्रयास पूरी तरह से विफल हो चुके हैं।

भाजपा को अब रास नहीं आ रहा दूसरे दलों के साथ गठबंधन का खेल 

भाजपा के बागी सांसद राजकुमार सैनी की लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के बीच पहले ही गठबंधन हो चुका है, लेकिन अगले दो चार दिन में इस गठबंधन में दरार पड़ने की संभावना बनी हुई है। बसपा का पहले हजकां और फिर इनेलो के साथ भी गठबंधन हुआ था, जो सिरे नहीं चढ़ा। अब इन दोनों दलों के दिल नहीं मिल पा रहे हैं। लिहाजा इस गठबंधन में दरार की पूरी संभावना है। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच गठबंधन के प्रयास भी पूरी तरह से खत्म हो चुके हैं।

जेजेपी और आप के गठबंधन में बसपा को भी शामिल करने के प्रयास 

कांग्रेस के साथ बात नहीं बनने के बाद अब राज्य में जननायक जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी के बीच राजनीतिक गलबहियां होने की संभावना है। अगले दो दिनों में आप और जेजेपी के बीच गठबंधन की विधिवत घोषणा हो सकती है। जेजेपी सांसद दुष्यंत चौटाला बुधवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में इस गठबंधन के संकेत दे चुके हैं, जबकि आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने बृहस्पतिवार को अपनी पार्टी की हरियाणा इकाई के अध्यक्ष नवीन जयहिंद को दिल्ली बुलाकर तमाम मुद्दों पर चर्चा की है।

राजकुमार सैनी के टेंपू से खुश नहीं मायावती का हाथी 

आप और जेजेपी के इस गठबंधन में बहुजन समाज पार्टी को शामिल करने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। जेजेपी की कोशिश जाट-वैश्य-ब्राह्मण-दलित कंबीनेशन बनाने की है, लेकिन आप ने बसपा को गठबंधन में शामिल किए जाने में खास रुचि नहीं दिखाई है। किसी कारण से यदि आप और जेजेपी के बीच बात नहीं बन पाई तो जेजेपी और बसपा के बीच गठजोड़ की संभावना से इन्‍कार नहीं किया जा सकता है।

बसपा नेताओं का भी मानना है कि राजकुमार सैनी की लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी से जुड़कर बसपा को किसी तरह का राजनीतिक फायदा नहीं होगा है। इस गठबंधन से जो थोड़ा बहुत फायदा होगा, वह राजकुमार सैनी को हो सकता है। ऐसे में बसपा अपनी रणनीति बदल ले, इसमें कोई ताजुब्‍ब नही होना चाहिए।

जेजेपी और आप के बीच सात व तीन लोकसभा सीटों पर समझौता होने के आसार हैं। आप की हरियाणा इकाई गुरुग्राम, फरीदाबाद, करनाल और रोहतक लोकसभा सीटें मांग रही है, लेकिन जेजेपी तीन सीटें देना चाहती है। करनाल ब्राह्मण-वैश्य-पंजाबी बाहुल्य लोकसभा सीट है। यहां से खुद आप की हरियाणा इकाई के अध्यक्ष नवीन जयहिंद चुनाव लड़ सकते हैं। जयहिंद ब्राह्मण हैं, जिन्हें वैश्य अरविंद केजरीवाल और जेजेपी नेता दुष्यंत चौटाला के प्रभाव वाले जाट मतों का लाभ मिल सकता है।

जननायक जनता पार्टी के पास हिसार, अंबाला, कुरुक्षेत्र, सिरसा, भिवानी-महेंद्रगढ़ और सोनीपत लोकसभा सीटें आ सकती हैं, जबकि उनकी कोशिश एक उस सीट और हासिल करने की है, जिस पर आम आदमी पार्टी की निगाह है। यह सीट रोहतक हो सकती है।
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चस्के की राजनीति वाले लोग कर रहे गठबंधन : मनोहर 

” हरियाणा में गठबंधन की राजनीति खत्म हो चुकी है। हमने भी गठबंधन किए, मगर हमारी सोच जन सेवा की होती थी। आज जो लोग गठबंधन करना चाहते हैं, वह चस्के की राजनीति करते हैं। उन्हें सत्ता का चस्का पड़ा हुआ है। हमारे पास कई दलों के प्रस्ताव आए, मगर आज भाजपा को गठबंधन की जरूरत नहीं है। हमारा गठबंधन जनता के साथ है।
– मनोहर लाल, मुख्यमंत्री, हरियाणा।

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कुछ अन्य दल भी जुड़ेंगे गठबंधन में: दुष्‍यंत 

” हमारा गठबंधन तय हो गया है। भाजपा को सत्ता से बाहर करना है। उनका राज चलाने का तरीका सबके सामने है। अगले एक दो दिन में सब कुछ लोगों के सामने होगा। सीटों का बंटवारा भी तय है। कुछ अन्य दल भी हमारे साथ जुड़ सकते हैं।
– दुष्यंत चौटाला, सांसद, जेजेपी।

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बसपा से नहीं हो रही हमारी कोई बात: जयहिंद 

” हमारी पार्टी का कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं हो रहा है। अब सिर्फ जननायक जनता पार्टी और हमारे बीच गठबंधन हो सकता है। बसपा के साथ गठबंधन की कोई संभावना नजर नहीं आ रही। हमारी बसपा के साथ कोई बात नहीं हुई। लोग केंद्र व राज्य दोनों जगह भाजपा से आजिज आ चुके हैं।
– नवीन जयहिंद, अध्यक्ष, आप हरियाणा।

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