दिल्ली के मायापुरी में सीलिंग के विरोध में बवाल, एसडीएम समेत 15 सुरक्षाकर्मी घायल

नई दिल्ली। दिल्ली के मायापुरी जंक मार्केट में सीलिंग के लिए पहुंची टीम को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। टीम द्वारा सीलिंग की कार्रवाई शुरू होने के बाद वहां मौजूद लोगों ने सुरक्षाकर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया। पथराव में दिल्ली पुलिस की एसीपी और एसडीएम समेत 15 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। साथ ही पुलिस की एक गाड़ी समेत दो दर्जन से ज्यादा गाड़ियां क्षतिग्रस्त हुई हैं।

भीड़ को उग्र होता देख सुरक्षाकर्मियों ने भी लाठीचार्ज किया। इस दौरान टीम ने पांच फैक्ट्रियों को सील किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। वीडियो के जरिये लोगों की पहचान की जा रही है। इलाके में पुलिसबल तैनात कर दिया गया है। सीलिंग के लिए ग्रीन ट्रिब्यूनल की ओर से बनाई गई एसटीएफ की टीम सुबह नौ बजे दिल्ली पुलिस और आइटीबीपी के जवानों के साथ इलाके में पहुंची थी।

सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस के 25 जवान और करीब डेढ़ सौ आइटीबीपी के जवान तैनात किए गए थे। टीम के पहुंचते ही स्थानीय लोग एक जगह एकत्रित हो गए और सीलिंग के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इस दौरान सुरक्षाकर्मी भी वहां पहुंच गए। मायापुरी सी ब्लॉक में जैसे ही एक के बाद एक पांच इकाइयों की सीलिंग टीम ने की तो इस पर लोग भड़क गए और वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान आइटीबीपी के पांच, दिल्ली पुलिस के पांच व सिविल डिफेंस के चार लोग घायल हुए। इसके अलावा एसडीएम प्रकाशचंद ठाकुर को भी चोटें आई हैं। साथ ही पुलिस के एक वाहन का शीशा भी तोड़ दिया।

आइटीबीपी के जवान को घेर कर पीटा इस दौरान एक आइटीबीपी के जवान को भीड़ ने घेर लिया और मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान जवान की बंदूक भी नीचे गिर गई थी। इसके बाद भीड़ में से ही कुछ लोगों ने जवान का बचाव किया और उन्हें वहां से जाने दिया। इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए लाठीचार्ज शुरू कर दिया।

पुलिसकर्मियों ने भी की पत्थरबाजी
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि लाठीचार्ज के साथ-साथ सुरक्षाकर्मियों ने भी लोगों पर पत्थर बरसाए जिसमें कई लोग घायल हो गए। लोगों ने आरोप लगाया कि इस दौरान सुरक्षाकर्मियों ने गाड़ियों के शीशे भी तोड़े। करीब आधे घंटे तक तांडव इलाके में चलता रहा। लोगों ने कहा कि पुलिस की ओर से फेंके गए पत्थर से करीब एक दर्जन लोगों को चोटें आई हैं। लोग फैक्ट्री में घुसकर अपनी जान बचाते दिखे। इसके अलावा लोगों ने आरोप लगाया कि सुरक्षाकर्मियों ने सड़क के किनारे खड़े वाहनों के शीशे तोड़े और दोपहिया वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया।

उधर, पुलिस अधिकारियों ने कहा कि उग्र भीड़ को शांत करने के लिए हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। सुरक्षाकर्मियों की ओर से पत्थर नहीं फेंके गए थे। मौके पर पहुंचे पुलिस के आला अधिकारी भीड़ को उग्र होता देख आसपास के थाने से भी पुलिसकर्मी को बुला लिया गया था। मौके पर ज्वाइंट सीपी मधूप तिवारी, डीसीपी मोनिका भारद्वाज भी पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जो भी इस घटना के जिम्मेदार होंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

नेताओं को एक कमरे में किया बंद
पत्थरबाजी के दौरान वहां पर तिलक नगर के विधायक जरनैल सिंह, हरि नगर के विधायक जगदीप सिंह , दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के महापौर नरेंद्र चावला सहित कई स्थानीय नेता वहां मौजूद थे। इनकी सुरक्षा को देखते हुए इन्हें एक कमरे में बंद कर दिया गया। आधे घंटे बाद इन्हें कमरे से बाहर निकाला गया।

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